Telegram Ban Hearing: दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को हटाने से साफ इनकार कर दिया है। यह फैसला केंद्र सरकार के उस कदम को मजबूती देता है, जिसमें RE-NEET परीक्षा से पहले ऐप पर 5 दिन का बैन लगाया गया था। Telegram पर बड़ा झटका कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार ने उपलब्ध तथ्यों और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उचित प्रक्रिया का पालन किया है। आदेश की इमरजेंसी प्रकृति और उसके पीछे दिए गए कारण पर्याप्त और संतोषजनक पाए गए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश की पूर्व सूचना न दिए जाने को आधार बनाकर इसे गलत नहीं ठहराया जा सकता। सुनवाई में कोर्ट में क्या कहा सरकार ने अदालत में दावा किया कि टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कई संदिग्ध गतिविधियों, यहां तक कि आतंकी नेटवर्किंग और परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं में भी किया जा रहा है। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच एक उच्चस्तरीय कमेटी द्वारा की गई, जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव ने की थी। कोर्ट को यह भी बताया गया कि टेलीग्राम के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनके पक्ष को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर ही यह फैसला लिया गया। टेलीग्राम पर लगा अस्थायी बैन जारी रहेगा गौरतलब है कि टेलीग्राम को लेकर पहले भी पेपर लीक, फर्जी दस्तावेजों और साइबर ठगी के मामलों में विवादों का सामना करना पड़ा है। इसके बड़े ग्रुप साइज, फाइल शेयरिंग और यूज़रनेम आधारित पहचान जैसे फीचर्स को भी सुरक्षा जोखिम से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल कोर्ट के इस फैसले के बाद टेलीग्राम पर लगा अस्थायी बैन जारी रहेगा, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वतंत्रता और सुरक्षा बहस एक बार फिर तेज हो गई है। ये भी पढ़ें: CA Final Result 2026: 499 अंकों के साथ नूर सिंगला ने किया देश में टॉप, जानिए कैसा रहा रिजल्ट